Wednesday, August 24, 2011

शत शत प्रणाम




शत शत प्रणाम
अन्ना तुम्हें शत शत प्रणाम
इसलिए नहीं कि नई बात तुमने कही
बल्कि इसलिए कि तुमने हमें कोमा से उठा दिया
दिल और दिमाग को झिझोड कर
सच का साथ देने का ज़ज्बा जगा दिया
ऐसा नहीं है भ्रष्टाचार ,अनाचार हमें दिखा नहीं
पर विरोध का हौसला तुमने दिला दिया

A prose by my Mom- Poonam Sharma

क्या अन्ना के लिए, सड़क पर हो तुम

हाथ पर हाथ धरे,
बस बैठे थे हम..

यही सोच रहे थे
भ्रष्टाचार रहित भारत
कैसा होगा
भ्रष्टाचार रहित भारत
क्या कभी होगा?

अन्ना ने है वह राग छेड़ दिया ,
अन्ना ने है छुई वह, दुखती रग..

न जाने कब से घायल थी ,
न जाने कितना दर्द था उसमें ..

उमड़ पड़ा जो सारा भारत
क्या एक अन्ना का ही स्वप्न है,
बस इसमें ?

मैं भी अन्ना,
तू भी अन्ना,
बस क्या अन्ना के लिए
आज सड़क पर हो तुम ?

आँखें खोलो,
सच को देखो ..

तुम नहीं हो साथ खड़े
अन्ना के !

हाथ पर हाथ धरे,
बस बैठे थे हम..

यह अन्ना है
जो जान दे रहा है
स्वप्न तुम्हारे
पूरे करने को .

तुम तो कब से सोच रहे थे,
यही तुम सोच रहे थे,
भ्रष्टाचार रहित भारत
कैसा होगा
भ्रष्टाचार रहित भारत
क्या कभी होगा?

अन्ना ही है ,
जो बोल रहा है,
स्वप्न भी कभी
हकीकत हो सकते हैं .

तुम नहीं खड़े, अन्ना के लिए
यह अन्ना है ..
जो तुम्हारे लिए खड़ा है .
यह अन्ना है ..
जो जान दे रहा है
स्वप्न तुम्हारा
पूरा करने को



Friday, August 19, 2011

Anna hain Ram, to mein hun Ravan

Anna hai gar RAM
to, mein hun Ravan.

Mein kalyug ka Ravan,
mere das sir se bhi jeeyada,
dhar alag hai,
sir alag hain,
mere das sir se bhi jeeyada,
mein Swatantra Bharat ka Ravan.

Ishwar ek hai,
uske naam anek!
Waise hi,
mein ek hun,
mere naam anek.

Laalu, Yeddurappa, Mulayam,
Kalmadi,sonai,rahul...
saare bhrastra neta,
hai mera aks,
aur corruption mera darpan.

Mere darr se kaamp raha hai,
Lokpal ko lekar PM.

Anna hai agar RAM,
to mein hun Ravan.
Mein Swatantra Bharat ka Ravan.